skip to main
|
skip to sidebar
हम तो कागज़ मुडे हुए हैं .............
Home
Posts RSS
Comments RSS
Edit
साहिल ..लहरें...हद ...आवारगी..
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
साहिल ..लहरें...हद ...आवारगी..
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
बुधवार, 25 नवंबर 2009
साहिल पे सुन रहा था समन्दर की धडकनें ..
1
इक सीख दे गयीं साहिल पे आ के लहरें ;
एक हद के बाद वापस लौट आना चाहिए।
साहिल पे सुन रहा था समंदर की धडकनें ;
लहरों को देख आवारगी का रोग लग गया.
पुराने पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
संदेश (Atom)
फ़ॉलोअर
Blog Archive
▼
2010
(8)
▼
अक्टूबर
(1)
तुम्हारा होना न होना.....
►
सितंबर
(1)
►
अगस्त
(5)
►
जनवरी
(1)
►
2009
(6)
►
नवंबर
(2)
►
अगस्त
(1)
►
अप्रैल
(1)
►
जनवरी
(2)